नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। इसे भू-वैकुंठ भी कहा जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान विष्णु बद्री विशाल के रूप में विराजमान हैं। हर साल देशभर से श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन सर्दियों में जब भारी बर्फबारी के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, तो भक्तों के मन में सवाल उठता है कि इस दौरान भगवान बद्री विशाल की पूजा कहां होती है। दरअसल, कपाट बंद होने के बाद भी भगवान की पूजा-अर्चना से जुड़ी परंपराएं जारी रहती हैं। आइए जानते हैं बद्रीनाथ धाम से जुड़ी इस खास परंपरा के बारे में।बद्रीनाथ धाम को क्यों कहते हैं भू-वैकुंठ? बद्रीनाथ धाम को भू-वैकुंठ कहने के पीछे गहरी धार्मिक मान्यता है। हिंदू धर्म में वैकुंठ को भगवान विष्णु का दिव्य निवास म...