बदायूं, अक्टूबर 25 -- Badaun News: अगर गेहूं लेने गांव नहीं जाते तो शायद मेरे पति की जान बच जाती, अब तीन बच्चों को कैसे पालूंगी। पति की हत्या के बाद पत्नी मंजू के ये शब्द हर किसी की आंखें नम कर रहे थे। जिस पति के सहारे जिंदगी गुजर रही थी, उसके जाने के बाद मंजू के सामने तीन बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य की चिंता सता रही है। राम अवतार की हत्या के बाद पत्नी मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है। पति को खोने का गम और तीन बच्चों के पालन-पोषण की चिंता उसे अंदर तक तोड़ रही है। मंजू बार-बार यही कहकर बिलख रही थी कि अगर उसके पति गेहूं लेने गांव नहीं जाते तो शायद आज जिंदा होते। जिस पति के सहारे वह अपने बच्चों के साथ जिंदगी बिता रही थी, उनके जाने के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई है। पति की मौत से उसकी दुनिया उजड़ गई। अब उसे समझ नहीं आ रहा ...