आजमगढ़, सितम्बर 29 -- Azamgarh News: आजमगढ़,संवाददाता। शैदा साहित्य मंडल की ओर से अतलस पोखरा स्थित एक स्कूल में शैदा जयंती एवं साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। स्व. सूरत सहाय लाल 'ध्रुव' को मरणोपरांत शैदा साहित्य सम्मान 2026-27 प्रदान किया गया। अध्यक्षता करते हुए डीएवी पीजी कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने कहा कि शैदा का साहित्य आजमगढ़ की धरोहर है। उनकी प्रमुख कृतियों में 'दुर्गे', 'रक्षिका', 'साजन के गीत','कसक' और 'अंतर ज्योति' शामिल हैं। शैदा साहित्य मंडल वर्ष 1984 से साहित्यिक गतिविधियों और साहित्यकारों के सम्मान का कार्य कर रहा है। संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शैदा की कुल 16 पुस्तकें प्रकाशित हैं और दर्जनों अप्रकाशित भी है। जिन्हें भव...