आजमगढ़, अगस्त 25 -- Azamgarh News: आजमगढ़, संवाददाता। पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत बड़े अभियानों से ही हो, यह जरूरी नहीं। छोटे-छोटे प्रयास भी बदलाव की बड़ी कहानी लिख सकते हैं। इसका उदाहरण कंपोजिट विद्यालय देवारा तुर्कचारा में देखने को मिल रहा है। यहां सहायक अध्यापिका डॉ. अर्चना सिंह की पहल से पांच साल में विद्यालय परिसर में पेड़ों की संख्या करीब दस से बढ़कर 130 हो गई है। खास बात यह है कि पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण और देखभाल पर भी लगातार जोर दिया गया। वह स्वयं स्कूल के बच्चों के साथ पेड़ों की रखवाली करती है। डॉ. अर्चना सिंह पिछले पांच वर्षों से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए लगातार गतिविधियां करा रही हैं। विद्यालय परिसर में लगे पेड़ों की मार्किंग भी की गई है, जिससे उनकी पहचान और देखभाल व्यवस्थित तरीके से हो सके। डॉक्टर अर्चना बताती ...