आजमगढ़, अगस्त 23 -- Azamgarh News: आजमगढ़, संवाददाता। मंडलीय अस्पताल में मूक बधिरों की जांच के लिए उप करण उपलब्ध नहीं है। इन्हें जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है। मंडलीय अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बाद सुविधाओं का टोटा है। मूक बधिर दिव्यांगों का प्रमाण पत्र समय से नहीं बन पाता है। मंडलीय अस्पताल में दिव्यांगों की प्रतिदिन 180 से 200 मरीजों की ओपीडी होती है।

जांच के लिए बाहर जाना मंडलीय अस्पताल में मूक बधिरों का दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मरीजों को गैर जनपद वाराणसी और गोरखपुर जाना पड़ता है। जांच और रिपोर्ट आने में तीन माह से अधिक का समय लग जा रहा है। इसके साथ ही इससे संबंधित मरीजों का ठीक से उपचार भी नहीं हो पाता है। मंडलीय अस्पताल के कान नाक गला विभाग में तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती है। तीनों डॉक्टर प्रतिदिन दो सौ से अध...