आजमगढ़, अगस्त 13 -- Azamgarh News: आजमगढ़, संवाददाता। जिले में अंग प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को हायर सेंटर ले जाना पड़ता है। परिवार के सदस्यों की जान बचाने के लिए अंगदान के मामले में महिलाएं आगे रही हैं। जिले में एक मां ने बेटे और एक पत्नी ने पति को किडनी दान कर नई जिंदगी दी। किडनी प्रत्यारोपण के बाद दोनों परिवारों में दानकर्ता और मरीज स्वस्थ हैं। फूलपुर निवासी अभिषेक विश्वकर्मा किडनी की बीमारी से पीड़ित थे। दवाओं से राहत नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। परिवार के सामने अभिषेक की जान बचाने की चुनौती थी। ऐसे में उनकी मां सरिता विश्वकर्मा ने बेटे को किडनी दान करने का निर्णय लिया। करीब पांच वर्ष पूर्व लखनऊ में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। अब मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं। इसी त...