औरैया, अक्टूबर 18 -- Auraiya News: अजीतमल, संवाददाता। बाबरपुर कस्बे के संतोषी माता मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को मन की शक्ति, विचारों की पवित्रता और भगवान के प्रति निष्कपट प्रेम का वर्णन किया गया। आचार्य पुरुषोत्तम द्विवेदी ने कहा कि मन पर नियंत्रण रखने से ही जीवन में सुख और शांति प्राप्त होती है। शुभ विचार मनुष्य को सकारात्मक दिशा देते हैं, जबकि नकारात्मक विचार निराशा की ओर ले जाते हैं। आचार्य ने 'मन के जीते जीत, मन के हारे हार' का उल्लेख करते हुए कहा कि मन ही बंधन और मोक्ष का कारण है। मन को नियंत्रित कर व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकता है। मन में नकारात्मक विचार आने पर मनुष्य का आत्मविश्वास कमजोर होता है, जबकि पवित्र विचार उसे धर्म और सत्कर्म की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई...