औरैया, अक्टूबर 7 -- Auraiya News: विकासखंड क्षेत्र के गपकापुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन बालि वध और राम-रावण युद्ध का प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। भगवान राम की विजय का वर्णन होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक आचार्य अंकुर महाराज ने बालि वध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि अहंकार और अधर्म के विनाश का प्रतीक है। भगवान राम ने सुग्रीव से मित्रता कर समाज को संदेश दिया कि संकट के समय सच्चे मित्र की सहायता करना ही धर्म है। इसके बाद उन्होंने राम-रावण युद्ध का वर्णन किया। कहा कि रावण शक्तिशाली और विद्वान होने के बावजूद अपने अहंकार एवं अधर्म के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। यह प्रसंग सिखाता है कि व्यक्ति कितना भी सामर्थ्...