औरैया, अगस्त 11 -- Auraiya News: शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दूध की बिक्री में घटतौली का खेल खुलेआम जारी है। आरोप है कि कई दूध विक्रेता घिसे-पिटे और बिना सत्यापन वाले लीटर के माप का इस्तेमाल कर उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम दूध दे रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि एक लीटर दूध के पूरे पैसे चुकाने के बावजूद उन्हें मात्रा में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण दूध विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां माप-तौल के मानकों की जांच कम होने से घटतौली पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उपभोक्ताओं ने विभाग से अभियान चलाकर दूध की बिक्री में इस्तेमाल होने वाले मापों का सत्यापन कराने और दोषी विक...