नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- हिंदू धर्म में कान छिदवाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। हिंदू धर्म में 16 संस्कार है और हर एक संस्कार का अपना महत्व होता है। इन्हीं में से एक संस्कार हैं कर्ण छेड़न संस्कार। ज्यादातर लड़कियां कान छिदवाते आपने देखा होगा। लेकिन बहुत से सारे पुरुष भी हैं, जो कान छिदवाते हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि पुरुषों को कान छिदवाना चाहिए या नहीं। चलिए इसके ज्योतिष नियम जानते हैं। पुरातन काल की बात करें, तो हिंदू धर्म में सभी राजा-महाराजा का कर्ण भेद संस्कार हुआ। भगवान श्री राम और कृष्ण का भी वैदिक रीति से कर्णभेद संस्कार हुआ था। बात करें पुरुषों की तो, तो ज्योतिष और हिंदू मान्यताओं के मुताबिक पुरुषों का कान छिदवाना मुख्य रूप से शुभ माना जाता है। कर्णवेध संस्कार हिंदू धर्म के षोडश संस्कारों में से एक है। राहु-केतु का द...