नई दिल्ली, मार्च 25 -- चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन कर नवरात्रि व्रत का पारण किया जाता है। कहीं-कहीं नवरात्रि व्रत का पारण दसवीं को होता है। लेकिन किसी के यहां अष्टमी को कन्या पूजन , तो किसी के यहां नवमी को कन्या पूजन होता है। ऐसे में दोनों ही तिथि बहुत खास हैं। आपको बता दें कि इस साल दोनों तिथियों में कंफ्यूजन की स्थिति बन रही है। ऐसे में यहां ज्योतिर्विद के जरिए आपको हम बताएंगे कि किस दिन अष्टमी और किस नवमी को कन्या पूजन होगा। ज्योतिषियों के अनुसार, भगवान राम जी का जन्म चैत्र मास की नवमी तिथि पर अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। इसलिए रामनवमी का पर्व इस दिन मनाया जाता है। आपको बता दें कि नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11.30 के बाद से शुरू हो रही है, नवमी तिथि 27 मार्च 2026 को सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक रहने वाली है। इसलिए कुछ स...
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