अररिया, जुलाई 8 -- Araria News: अनिल झा कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि बच्चों के समग्र विकास में पढ़ाई के साथ साथ खेल का महत्वपूर्ण योगदान होता है। लेकिन स्कूलों में खेल का मैदान नहीं होने से बच्चे खेल से वंचित हो रहे हैं। इस कारण बच्चों में खेल प्रतिभा का विकास नहीं हो पाता है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रखंड के कुल 140 प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में से आधा दर्जन हीं विद्यालयों के पास खेल मैदान है। यही नहीं सरकार की ओर से अब तक प्रखंड के मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की भी बहाली नहीं हुई हंै। बावजूद खेल के मैदान नहीं होने के खेल की घंटी नहीं बजती है। इस कारण शारीरिक शिक्षक चाह कर भी बच्चों में खेल प्रतिभा विकसित नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें बच्चों को पाठ्य पुस्तक हीं पढ़ाने पड़ते हैं। स्कूलों में भवन के अलावे बस आंगन ...