अररिया, जुलाई 30 -- Araria News: कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए दुग्ध केन्द्र बनाए जा रहे हैं। यह पहल ग्रामीण अजीविका और किसानों की आय मजबूत करने के लिए की जा रही है। इसके तहत गांवों में डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन किया जाएगा। बीडीओ डॉ नयना पॉल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य डेयरी के जरिये भारत-नेपाल सीमा के गांवों को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन करना है। इसके लिए किसान के पास कम से कम एक गाय या भैंस होना जरुरी है। यह भी पढ़ें- गांव में बनेगी डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी, रोजगार के मिलेंगे अवसर ज्यादा से ज्यादा किसान सोसाइटी से जुड़ सकते हैं। प्रत्येक गांव में एक दुग्ध संग...