आरा, अगस्त 30 -- Ara News: आरा। न्यू पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर में दैनिक रामकथा सत्संग के वार्षिकोत्सव पर समारोह आयोजित किया गया। प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातनशक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य (डॉ.) भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि स्वर्ग की प्राप्ति शुभ कर्मों से और शुभ कर्मों की प्राप्ति श्रीराम कथा से होती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति केवल अपनी देह और इंद्रियों के सुख के लिए तत्पर रहता है, वह असुर प्रवृत्ति का होता है, जबकि सभी प्राणियों के सुख के लिए समर्पित व्यक्ति देवतुल्य कहलाता है। श्रीराम संपूर्ण लोकों को सुखी करने वाले हैं, जबकि रावण सभी को रुलाने वाला है। आचार्य ने कहा कि शील, सदाचार, सत्संग और सन्मार्ग का अनुसरण कर ही जीवन को धन्य बनाया जा सकता है। रामकथा और रामायण जीवन में दैवीय गुणों का विकास कर लोक-परलोक में आनंद प्रदान करती है। कार्यक्...