Apara Ekadashi vrat katha in hindi: अपरा एकादशी व्रत की कथा पढ़ें, पद्मपुराण में हैं, इसका उल्लेख
नई दिल्ली, मई 12 -- ज्येष्ठ के कृष्णपक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहते हैं। इस साल यह एकादशी 13 मई को मनाई जा रही है। 13 मई को एकादशी और द्वादशी दोनों तिथियों का संयोग हैं। इस दिन पूजा और व्रत कर भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है। पद्मुपुराण में इसकी महात्मय मिलता है, इसकी कथा में सिर्फ महीध्वज से जुड़ी है, जिन्हें इस एकादशी का व्रत करने से प्रेतयोनी से मुक्ति मिली थी।अपरा एकादशी की कथा इस प्रकार है युथिष्ठिरने पूछा कि जनार्दन ! ज्येष्ठ के कृष्णपक्ष किस नाम की एकादशी होती है ? मैं उसका माहात्म्य सुनना चाहता हूं। उसे बताने की कृपा करें। भगवान श्रीकृष्ण बोले-राजन्, तुमने सम्पूर्ण लोकोंके हितके लिये बहुत उत्तम बात पूछी है । राजेन्द्र ! इस एकादशी का नाम अपरा है। यह बहुत पुण्य देने वाली और बड़े-बड़े पापों का नाश करनेवाली हे । ब्रह्महत्या से दब...
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