नई दिल्ली, मई 11 -- हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है, जिसे अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में यह पावन व्रत 13 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। अपरा एकादशी को कुछ क्षेत्रों में भद्रकाली एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं इस एकादशी की खासियत, नामकरण और इसके पीछे की पौराणिक कथा।अपरा एकादशी की तिथि और महत्व पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर 2:52 बजे शुरू होगी और 13 मई को दोपहर 1:29 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 13 मई को रखा जाएगा। अपरा शब्द का अर्थ 'असीमित' या 'अपार' होता है। इस एकादशी को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्...