अंबेडकर नगर, अक्टूबर 4 -- Ambedkar Nagar News: टांडा। सरकारी कागजों में दर्ज एक गलती कभी-कभी कितनी भारी पड़ सकती है, इसका अजब-गजब मामला सामने आया है। एक लाख 40 हजार रुपये में खरीदे गए ई-रिक्शे के पंजीकरण प्रमाणपत्र में वाहन की कीमत 15 लाख रुपये दर्ज हो गई। अब एआरटीओ कार्यालय की इस कथित गलती का खामियाजा वाहन मालिक को भुगतना पड़ रहा है। वाहन स्वामी रामकेश तहसील टांडा के मोतिगरपुर (बुढ़नापुर) थाना बसखारी का निवासी है। प्रमाणपत्र के मुताबिक वाहन का पंजीकरण 13 मार्च 2018 को हुआ था। वाहन का निर्माता जेएस ऑटो (पी) लिमिटेड तथा ईंधन का प्रकार इलेक्ट्रिक दर्ज है। सबसे दिलचस्प मामला प्रमाणपत्र में दर्ज सेल अमाउंट का है। इसमें वाहन की कीमत 15 लाख रुपये दर्ज कर दी गई है। वाहन स्वामी के अनुसार वास्तविक कीमत करीब 1.40 लाख रुपये थी। यानी कागजों में ई-रिक्शा...