अंबेडकर नगर, अगस्त 1 -- Ambedkar Nagar News: सैदापुर, संवाददाता। स्थानीय मछली गांव में 10 दिवसीय मजलिस का आयोजन हुआ। अंतिम दिन मजलिस का समापन रात में गमजदा माहौल में हुआ। मजलिस में मौलाना सैयद नूरुल हसन रिजवी ने बीबी फातिमा जहरा की सीरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रसूले खुदा की वफात के कुछ ही दिनों बाद उनकी इकलौती बेटी जनाबे फातिमा जहरा भी दुनिया से रुखसत हो गई। उन्होंने कहा कि उस दौर की परिस्थितियां बीबी सैयदा के लिए अत्यंत कष्टदायक थीं। सरकार ए रिसालत के निकट रहने वाले कुछ लोगों ने ही हजरत अली एवं बीबी फातिमा के प्रति विरोध का रवैया अपनाया। मौलाना ने दुनियावी और दीनी तालीम का अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि सांसारिक शिक्षा केवल दुनिया तक सीमित होती है, जबकि दीनी और कुरआनी शिक्षा इंसान के लिए दुनिया और आखिरत दोनों में लाभदायक सिद्ध होती है। य...