अलीगढ़, अगस्त 7 -- Aligarh News: अलीगढ़। वरिष्ठ संवाददाता 'नीरज' बनने का सपना हर युवा खिलाड़ी की आंखों में होता है, लेकिन अलीगढ़ के एथलीटों के लिए यह सपना हकीकत की जमीन पर उतरने से पहले ही दम तोड़ रहा है। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा की सफलता ने देश में जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) के प्रति दीवानगी जगाई, पर अलीगढ़ में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। यहां के स्टेडियम में न तो सिंथेटिक रनवे उपलब्ध है और न ही अभ्यास के लिए उचित संसाधन। यह भी पढ़ें- अरशद नदीम क्यों नहीं जीत पाए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल? इस चीज पर फोड़ा खराब परफॉर्मेंस का ठीकराअभ्यास की समस्याएं अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम में एक मल्टीपर्पज स्टेडियम है। जहां क्रिकेट, एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल समेत कई खेलों का अभ्यास सैकड़ों खिलाड़ी करते हैं। पर स्टेडियम में जेवलिन के लिए अलग से को...