नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र त्योहार है, जिसे 'स्वयंसिद्ध मुहूर्त' कहा जाता है। इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान या पूजा अक्षय फल देता है, यानी उसका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है। अक्षय तृतीया पर धन की देवी लक्ष्मी के साथ-साथ धन के देवता कुबेर की उपासना का विशेष महत्व है। धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिन कुबेर चालीसा का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है, धन-समृद्धि बढ़ती है और जीवन में स्थिरता आती है।अक्षय तृतीया और कुबेर चालीसा का महत्व अक्षय तृतीया पर कुबेर चालीसा का पाठ धन प्राप्ति के साथ-साथ व्यक्ति के अंदर की नकारात्मकता को भी दूर करता है। कुबेर देव को धन का स्वामी माना जाता है। उनकी पूजा से ना केवल धन की वृद्धि होती है, बल्कि सुख-समृद्धि, व्यापार में उन्नति और परिवार में शांति भी बनी रह...
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