नई दिल्ली, जनवरी 27 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एम्स के बाहर इलाज का इंतजार कर रहे फुटपाथ पर डेरा डाले मरीजों और उनके परिजनों की 'दयनीय स्थिति' पर संज्ञान लिया है। अदालत ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) को सरकारी अस्पतालों के बाहर रह रहे मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए एक ठोस इमरजेंसी योजना बनाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि भीषण गर्मी और सर्दी के सीजन में बचाव के लिए साल में 2 बार योजनाएं तैयार की जानी चाहिए।मरीजों को बचाने की योजना बनाएं दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को निर्देश दिया कि वह सरकारी अस्पतालों के बाहर रह रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को खराब मौसम से बचाने के लिए एक आपातकालीन योजना बनाए। न्यायालय ने कहा कि बोर्ड को गर्मी और शीत लहर से निपटने के लिए हर साल दो योजना...
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