आगरा, अगस्त 20 -- Agra News: कमिश्नरेट में 40 हजार बदमाश हैं। अकेले 21 हजार बदमाश सिटी जोन में है। सभी की निगरानी संभव नहीं है। बदमाश किस अंदाज में वारदात करते हैं। किस समय वारदात करते हैं। अभी तक कौन-कौन सी बड़ी वारदातें की हैं। पुलिस अब यह डाटा भी फीड कर रही है। यक्ष एप को और कामयाब बनाने के लिए जोरों से डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। इसके आधार पर बदमाशों को ग्रेड दी जाएगी। खूंखार, सक्रिय व पेशेवर बदमाशों की हिस्ट्रीशीटर की तर्ज पर निगरानी होगी। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर बदमाशों की कुंडली बनाई जा रही है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि बदमाश पकड़ा जाता है तो पुलिस को सिर्फ पूछताछ में यह पता चलता है कि बदमाश पहले जेल जा चुका है। उसके खिलाफ लूट और हत्या के मुकदमे हैं। ज्यादा से ज्यादा यह कि बदमाश हिस्ट्रीशीटर है। बदमाश की पू...