नई दिल्ली, मई 18 -- हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का अपना विशेष महत्व है, लेकिन जब यह चतुर्थी अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में पड़ती है, तो उसका महत्व सौ गुना बढ़ जाता है। अधिकमास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी तिथि को वरदा विनायक चतुर्थी के तौर पर जाना जाता है। यह चतुर्थी तिथि बेहद शुभ और फलदायी होती है। अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसमें की गई कोई भी पूजा या व्रत सामान्य महीनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल देता है।वरदा विनायक चतुर्थी 2026 तिथि और मुहूर्त ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 19 मई 2026 को दोपहर 2:18 बजे शुरू होगी और 20 मई 2026 को सुबह 11:06 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, वरदा विनायक चतुर्थी का व्रत 20 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा।अधिकमास में वरदा चतुर्थी का महत्व भविष्य पुराण और स्क...