नई दिल्ली, मई 23 -- धर्म-शास्त्रों के मुताबिक अधिक मास को काफी सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस माह में श्रद्धालु तीर्थ स्थलों में जाकर दान पुण्य, पूजा पाठ व मंत्रों का उच्चारण करते हैं। क्योंकि माना जाता है कि ये पुरुषोत्तम माह यानी अधिक मास पूर्ण प्रदान करने वाला होता है। पुरुषोत्तम भगवान विष्णु का ही एक नाम है। वहीं, इस माह में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को और भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। क्योंकि इस तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा का महत्व है। स्कंद पुराण में बताया गया है कि पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा से समृद्धि बढ़ती है। इसके अलावा इस दिन चंद्र देव का भी पूजन करना चाहिए। साथ ही पूर्णिमा पर व्रत-पूजा और दान करना चाहिए। लेकिन लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि अधिक मास की पूर्णिमा कब है 30 या 31 मई को। चलिए जानते हैं कि अधिक मास की पूर्ण...