नई दिल्ली, अप्रैल 12 -- हिंदू पंचांग में 12 माह होते हैं, लेकिन हर तीसरे साल एक अतिरिक्त माह जुड़ जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। इस मास को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में ज्येष्ठ मास के साथ अधिक मास का संयोग बन रहा है, जो इसे और भी खास बना रहा है। इस दौरान पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक कार्यों का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कि 2026 में यह अधिक मास कब शुरू हो रहा है और इस पवित्र महीने में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।अधिक मास कब शुरू होगा? ज्येष्ठ मास का अधिक मास 17 मई 2026, रविवार से शुरू होकर 15 जून 2026, सोमवार तक रहेगा। इस बार अधिक मास की वजह से ज्येष्ठ माह लगभग 60 दिन का होगा। इस दुर्लभ संयोग में भगवान विष्णु की उपासना का विशेष फल मिलता है।अधिक मास क्यों आता है? चंद्रमा के अनुसार, एक साल लगभग 355 दिनों...