Adhik Maas 2026: अगले महीने से लग रहा है अधिकमास, इस महीने में कौन से काम निषेध, विष्णुजी ने क्यों कहा पुरुषोत्तम मा
नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- मलमास या अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहलाता हे, उसमें सूर्य की कोई संक्रान्ति नहीं होती प्रायः अढाई वर्ष यानी 32 के बाद यह मास आता है। जिस महीने में पूर्णिमा का योग न हो, वह प्रजा, पशु आदि के लिए अहितकर होता है । सूर्य ओर चन्द्रमा दोनों इस तिथि का भोग करते हैं । जिन तीस दिनो में संक्रमण न हो, वह सही नहीं है। अन्य किसी पुराण या धार्मिक ग्रन्थो में इनका कोई संकेत नहीं किया गया है । इस मास के बारे में पद्म पुराण और नारद पुराण के बारे में बताया गया है। जब अतिरिक्त महीने की उत्पत्ति हुई थी तो गंदा या अशुद्ध मास कहा जाने लगा। इसके बाद भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम पुरुषोत्तम नाम दिया। उन्होंने कहा कि यह मास अशुद्ध नहीं है। भगवान विष्णु ने कहा कि जो भी इस महीने में मेरी पूजा भक्ति, जप और तप करेगा उसे पूरे साल की पूजा से अधि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.