नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस की पूर्व सब-इंस्पेक्टर को सीनियर अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर करके अदालत में चार्जशीट दायर करने और एक वरिष्ठ अधिकारी को धमकी भरा मैसेज भेजने का दोषी पाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट सौरभ गोयल ने कहा कि पुलिस अधिकारी की यह कार्रवाई न्यायिक रिकॉर्ड की शुचिता पर हमला है। अदालत ने 2 अप्रैल के आदेश में कहा कि अभियोजन ने यह साबित कर दिया है कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर कविता माथुर ने सार्वजनिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया और इन दस्तावेजों का उपयोग आधिकारिक प्रक्रियाओं को भ्रमित और प्रभावित करने के लिए किया। यह भी पढ़ें- 'साक्ष्यों की खामी से बरी होना.'; HC ने युवक को दिल्ली पुलिस में भर्ती से रोकाएसीपी और एसएचओ के फर्जी साइन किए अभियोजन पक्ष के अनुसार, कविता माथुर 2015 में पालम गांव थाने में सब-इंस्...