AAP छोड़ BJP में गए, फिर भी दलबदल कानून में क्यों नहीं फंसे राघव चड्डा? 7 नंबर वाला खेल
नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- आम आदमी पार्टी को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्यसभा सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर आप छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया। उनके साथ राज्यसभा के 6 अन्य सांसदों ने भी बीजेपी जॉइन की है। राघव चड्ढा ने ऐलान करते हुए कहा कि वह दो तिहाई सांसदों के साथ बीजेपी में विलय कर रहे हैं। यहां बीजेपी में शामिल होने को तकनीकी रूप से विलय कहा जा रहा है जो दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए एक कानूनी कदम है। दरअसल संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार, अगर कोई सांसद अकेला पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता रद्द हो जाती है। लेकिन, अगर किसी पार्टी के दो-तिहाई विधायक या सांसद एक साथ किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस मामले में अगर रा...
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