नई दिल्ली, अगस्त 7 -- हापुड़, मुलित त्यागी एक तरफ तीर्थ नगरी के वृद्ध आश्रम जहां बुजुर्ग मां-बाप का दर्द बयां करते हैं। वही ये कांवड़ यात्रा एक मिशाल कायम कर रही है। उम्र के 10 वे दशक में कदम रख चुकी वृद्धा के हरिद्वार गंगा नहाने के सपने को जेन जी की जेनरेशन ने श्रवण कुमार बनकर पूरा कराया है। यहां एक दो नहीं बल्कि 25 पोते अपनी दादी को हरिद्वार ले गए और स्नान करा कर पालकी से वापस ले जा रहे हैं। वेस्टन कल्चर के चलते जहां वृद्ध आश्रमों में वृद्ध बढ़ रहे हैं वही भारतीय संस्कृति वृद्धों की सेवा सत्कार करने की भावना पैदा करती हैं। ऐसा ही नजारा कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद हापुड में देखने को मिला जहां सावन की कांवड़ यात्रा में जहां डीजे की धुन, भव्य कांवड़ और शिवभक्तों का उत्साह हर किसी को आकर्षित कर रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ऐसा ...