नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्मों और न्याय से जोड़कर देखा जाता है। व्यक्ति को उसके कर्मों का हिसाब शनि की ओर से ही मिलता है। इस समय शनि वक्री अवस्था में हैं। यानी शनि अब वक्री चाल में हैं और 27 जुलाई को मीन राशि से उन्होंने अपनी टेढ़ी चाल को शुरू किया है। इस अवस्था में शनि अगले 94 दिन रहने वाले हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि 11 दिसंबर तक उलटी चाल में रहेंगे। पंडित जी के अनुसार कुल मिलाकर शनि की वक्री चाल की अवधि 138 दिन तक रहने वाली थी जिसमें से अब 94 दिन ही बचे हैं। इस बीच कुछ विशेष राशियों पर शनि कुछ ज्यादा ही मेरहबान रहने वाले हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि की ये वक्री चाल कुछ राशि वालों के लिए अच्छे मौके लेकर आ सकती है। खासतौर पर वृषभ, कर्क, कन्या और मिथुन राशि के जातकों को करिय...