कौशाम्बी, अगस्त 28 -- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की रिपोर्ट जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। अप्रैल से जून के बीच जन्मजात दोष से ग्रसित 88 बच्चों की पहचान की गई। इनमें महज 30 बच्चों का उपचार हो सका, जबकि 46 बच्चे अब भी उपचाराधीन बताए गए हैं। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि कई जन्मजात बीमारियों के इलाज की प्रक्रिया बेहद धीमी है। आरबीएसके की रिपोर्ट के अनुसार जन्मजात हृदय रोग के 13 बच्चे चिह्नित किए गए। इनमें सात का उपचार हुआ और छह उपचाराधीन हैं। कटे होंठ-तालू के 11 बच्चों में चार का उपचार हो सका, जबकि सात उपचाराधीन हैं। क्लब फुट के 21 बच्चों में 19 का उपचार किया गया है और दो उपचाराधीन हैं। जन्मजात मोतियाबिंद के सात मामले सामने आए, लेकिन इनमें किसी का उपचार नहीं हुआ और सभी सात उपचाराधीन बताए ...