88 फीसदी दिव्यांग मरीन कमांडो को मिला न्याय; 2.46 करोड़ मुआवजे का आदेश, क्या मामला?
निखिल पाठक, जून 7 -- भारतीय नौसेना के जांबाज विंग 'मार्कोस' (मरीन कमांडो) में शामिल होकर देश की सुरक्षा करने वाले एक जवान की जिंदगी को सड़क पर लापरवाही से दौड़ती एक कार ने हमेशा के लिए बदल दिया। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधीकरण (एमएसीटी) ने मामले में गंभीर रूप से घायल पीड़ित कमांडो को बड़ी राहत देते हुए 2.46 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी डॉ. अभिलाष मल्होत्रा की कोर्ट ने कार ड्राइवर की घोर लापरवाही को इस हादसे का जिम्मेदार माना और रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी एवं प्रतिवादी पक्ष को पीड़ित जवान के भविष्य के नुकसान और इलाज की भरपाई के लिए यह पूरी रकम अदा करने का निर्देश दिया। फैसला सुनाते समय अदालत ने भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि पैसा किसी व्यक्ति के दर्द, सपनों और खोए हुए जीवन को वापस न...
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