84 लाख योनियों में भटकता है तन की कीमत नहीं समझने वाला मनुष्य
बक्सर, जून 15 -- कथा फोटो संख्या- 09, कैप्सन- सोमवार को रामरेखा घाट पर कथा कहते पौराणिक जी महाराज। बक्सर, हमारे संवाददाता। सर्वजन कल्याण सेवा समिति सिद्धाश्रम धाम सोमवार को भी श्रीमद्भागवत कथा हुई। कथा वाचन के दौरान पौराणिक महाराज ने 18 पुराणों के संकल्प श्रृंखला बारे में बताया। कहा कि मनुष्य का शरीर जीव को तब मिलता है, जब श्रीहरि बिना कारण कृपा करते हैं जो मानव शरीर पाकर इस तन की कीमत नहीं समझता। वह अभागा मनुष्य पूरे 84 लाख योनियों में भटकता हुआ दुख भोगता रहता है। लेकिन जो मनुष्य इस राज को समझ कर संभल जाता है और श्रीहरि के चरण का आश्रय प्राप्त कर लेता है। यह भी पढ़ें- 84 लाख योनियों में भटकता है तन की कीमत नहीं समझने वाला मनुष्य इसके बाद वह अनायास ही भव भय से मुक्त हो जाता है। महाराज परीक्षित को भगवान की महिमा का गायन करते हुए श्रीसुखदेव...
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