नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- राहुल मानव, नई दिल्ली दिल्ली में एमसीडी के दिलशाद गार्डन स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल के डॉक्टरों ने दुर्लभ बीमारी से पीड़ित एक बच्ची को बचाकर उसे नया जीवन दिया है। अस्पताल के बाल रोग विभाग के डॉक्टरों ने गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ (रेयर) ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित आठ वर्ष की बच्ची का सफलतापूर्वक इलाज किया है। यह बीमारी एक लाख लोगों में से किसी एक को होती है। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ बीमारी होती है।क्या होता है गुइलेन-बैरे सिंड्रोम? गुइलेन-बैरे सिंड्रोम की बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्वस्थ नसों पर हमला कर देती हैं। इससे मांसपेशियों में कमजोरी और सुन्नपन पैदा होता है। इस बीमारी से पैरों में कमजोरी और दर्द होता है। पैरों व हाथों से इ...