बरेली, मार्च 23 -- शहर के औद्योगिक क्षेत्रों का इन दिनों बुरा हाल है। पहले प्लास्टिक दाना नहीं मिल रहा था, अब पॉलिस्टर ने कमर तोड़ दी.। कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच पॉलिस्टर में अचानक आई महंगाई ने उद्योगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। होली के बाद से इसके दाम 120 रुपये से बढ़कर 210 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। इस बढ़ती कीमतों का असर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से बरेली की 150 छोटी-बड़ी इकाईयों पर पड़ रहा है। परसाखेड़ा, सीबीगंज, भोजीपुरा, फरीदपुर आदि औद्योगित क्षेत्रों के उद्यमियों का कहना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो कई यूनिट्स में उत्पादन धड़ाम होने से ताला लटक सकता है। आईआईए के सचिव रजत मेहरोत्रा ने बताया कि पहले ही प्लास्टिक दाने की किल्लत चल रही थी, अब पॉलिस्टर महंगा होने से लागत निकालना मुश्किल हो गया है। पुराने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.