घाटशिला, अप्रैल 23 -- गालूडीह। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना पीएम आवास जो गरीबों को पक्का मकान के उद्देश्य से दिया गया था। जो 8 साल में ही जमींदोज हो गया।जो आज इतनी महत्वपूर्ण योजना की मोनिटरिंग पर सवाल खड़ा कर रहा है। विभाग ने लाभुकों को प्रेसर देकर घर बनाने का कोरम तो पुरा कर लिया गया पर किसी ने यह सुधि तक नहीं ली कि काला ईट मजबुत है या नहीं, काला ईट पर घर बनाने की वकालत हुई थी। जगहों जगहों पर काला ईट की दुकानें खुल गई थी पर इसका मजबुती की मानक कि किसी ने ध्यान नहीं दिया।उस समय लाल ईंट से आधा दाम पर काली ईट बजार मे उपलब्ध थी।उस उक्त कई पीएम आवास काला ईट से बनाए गए जो आज ध्वस्त के कगार पर आ गया है।हम बात कर रहे हैं बाघुडिया पंचायत के कासपानी गांव का कापरा हांसदा 65 वर्षीय महिला का जिसे वर्ष 2018 में पीएम आवास मिला था।हम कह सकते हैं कि...