नई दिल्ली, अक्टूबर 5 -- Guru nakshatra pada gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में गुरु (बृहस्पति) को धन, समृद्धि, भाग्य और धर्म का कारक माना जाता है। इस समय गुरु अश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि के गोचर में हैं। चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में गुरु उच्च के होते हैं। अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं। इस समय अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे पद में गुरु विराजमान हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, 8 अक्टूबर को गुरु अश्लेषा नक्षत्र के चतुर्थ पद में गोचर हैं और 31 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। बुध के नक्षत्र में गुरु की हलचल का प्रभाव देश-दुनिया के साथ मानव जीवन पर भी पड़ेगा। गुरु के अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में आने से कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ की स्थिति बनेगी। इन भाग्यशाली राशियों को धन लाभ होने के साथ करियर में उन्नति मिल सकती है। जानें गु...