नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। आयोग की रिपोर्ट लागू होने में जितनी देरी होगी, कर्मचारियों को उतना ही नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक अनुमान के मुताबिक अगर फिटमेंट फैक्टर 2.1 के हिसाब से ही बेसिक पे तय होता है और रिपोर्ट लागू होने में 25 महीने की देरी होती है, तो अनुमानित नुकसान लगभग Rs.3.32 लाख तक पहुंच सकता है। यह अनुमान अभी लेवल-7 के कर्मचारियों के लिए लगाया जा रहा है। आइए इस रिपोर्ट के जरिए समझें कि नुकसान की गणना कैसे की गई है? बता दें 8वें वेतन आयोग को नवंबर 2025 से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इसके बाद रिपोर्ट की समीक्षा और अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया में कुछ और महीने लग सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, रिपोर्ट आने के बाद इसे लागू करने...