नई दिल्ली, मार्च 20 -- 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के बीच बहस तेज हो गई है। खासतौर पर भत्तों की समीक्षा और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। भारतीय रेल तकनीकी पर्यवेक्षक संघ (IRTSA) ने आयोग की मौजूदा प्रक्रिया में कई खामियां बताते हुए चिंता जताई है कि इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की अहम समस्याएं अनदेखी रह सकती हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे बड़ा विवाद भत्तों के वर्गीकरण को लेकर सामने आया है। IRTSA का कहना है कि जहां सातवें वेतन आयोग ने 196 अलग-अलग भत्तों की विस्तार से समीक्षा की थी, वहीं आठवें वेतन आयोग की ऑनलाइन प्रक्रिया में इन्हें केवल 12 व्यापक श्रेणियों में समेट दिया गया है।कई जरूरी मुद्दे हो सकते हैं नजरअंदाज संघ के अनुसार, हर भत्ता किसी विशेष काम, जोखिम या कार्य परिस्थितियों के आधार...
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