रांची, जून 26 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने सरकारी विभागों की प्रशासनिक सुस्ती और फाइलों के लंबे आवागमन को अपील दायर करने में देरी का वैध आधार मानने से इनकार कर दिया है। अदालत ने देवघर जिला परिषद की ओर से 762 दिनों की देरी से दायर अपील में देरी माफ करने की याचिका खारिज कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल फाइलों के इधर-उधर घूमने, कानूनी राय लेने और विभागीय प्रक्रिया का हवाला देकर देरी को उचित नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने कहा कि देरी के प्रत्येक दिन के लिए ठोस और संतोषजनक कारण बताना आवश्यक है। यह अपील देवघर के उप विकास आयुक्त-सह-जिला परिषद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से हाईकोर्ट के एकल पीठ के 25 जुलाई 2023 के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। एकल पीठ ने सुखदेव राव की याचिका का निपटारा किया था। हालांकि, अपील...