नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- हर साल लाखों बच्चे अपनी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने सजाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। रात-रात भर जागकर पढ़ाई करना, सुबह जल्दी उठकर रिवीजन करना और फिर दिल की तेज धड़कनों के बीच परीक्षा हॉल में बैठना। एक छात्र के लिए यह सफर किसी तपस्या से कम नहीं होता। लेकिन जरा सोचिए अगर किसी छात्र ने ये सारी तपस्या पूरी ईमानदारी से की हो और फिर भी रिजल्ट वाले दिन उसे फेल का ठप्पा थमा दिया जाए? और वो भी उसकी खुद की किसी गलती के बिना? यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली से सामने आई एक बेहद खौफनाक और शर्मनाक हकीकत है। जहां 76 मासूम छात्रों के भविष्य को अचानक अंधकार में धकेल दिया है। रायबरेली जिले के सर्वोदय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के नतीजे आने के बाद खुशियों की जगह मातम पसरा हुआ है। इस साल 10वीं की ...
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