मधुबनी, मई 16 -- बाबूबरही, निज संवाददाता। भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में मधुबनी सदर अनुमंडल प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। सदर अनुमंडल प्रशासन की ओर से जारी आदेश के तहत सदर अनुमंडल के सभी प्रखंडों में 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों की खोज एवं सर्वेक्षण होगी। यह भी पढ़ें- बुढ़ाना के जैन मंदिर में मिला 106 वर्ष पुराना ऐतिहासिक ताम्रपत्रसर्वेक्षण का कार्य यह कार्य संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत किया जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार देश भर में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन को लेकर 16 मार्च 2026 से राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण अभियान चल रहा है। ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े एवं कागज पर लिखी गई पुरानी पांडुलिपियों को भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर माना ...