अररिया, अप्रैल 28 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर को सहेजने व उसे देश दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में कार्य शुरु हो गया है। ज्ञान भारतम मिशन के तहत अररिया जिला अन्तर्गत वैसे हस्तलिखित दस्तावेज जो कम से कम 75 वर्ष पुरानी तथा जिसकी ऐतिहासिक, सांस्कृति, धार्मिक , साहित्यिक एवं ज्ञानवर्धक महत्व हो को पाण्डुलिपि मानते हुए उनका वैज्ञानिक संरक्षक, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण करने के उद्देश्य से पाण्डुलिपियों को संग्रह एवं डिजिटाईजेशन करने के लिए प्रखंड स्तर पर पदाधिकरियों को नामित किया गया है। कुर्साकांटा प्रखंड के दो पदाधिकारियों बीडीओ नेहा कुमारी व बपीआरओ अमित कुमार मिश्रा को नामित किया गया है। यह भी पढ़ें- पांडुलिपि डिजिटाइजेशन कार्य में सूबे में मधुबनी का पहला स्थान बीडीओ ने बताया कि पाण्डूलिपियों की खोज, पहचान ...
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