अमरोहा, दिसम्बर 10 -- 71599 रुपये लेने के बाद भी पिस्टल नहीं दी गई। बाद में पैसे देने से भी इनकार कर दिया। इसी बीच लाइसेंस धारक कारोबारी की मृत्यु हो गई। इसके बाद बेटे को लंबी कानूनी जंग लड़नी पड़ी। साल 2010 से जुड़े मामले में अब उपभोक्ता फोरम ने कोलकाता की शस्त्र फैक्ट्री को सेवा में कमी का दोषी पाया। पूरी रकम नौ प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया। इतना ही नहीं आर्थिक, मानसिक क्षतिपूर्ति के साथ ही परिवाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। धनराशि एक महीने के भीतर अदा करनी होगी। मामला गजरौला के राम कुटीर से जुड़ा है। यहां कारोबारी मुनीश कुमार अग्रवाल का परिवार रहता है। उन्होंने अपना शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। इसके बाद मुनीश कुमार अग्रवाल ने असलहे के लिए कोलकाता की शस्त्र फैक्ट्री से संपर्क किया था। उन्होंने पिटस्ल औ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.