70 वर्ष बाद सड़क पर नहीं आया चांदी का ताजिया
फर्रुखाबाद कन्नौज, जून 19 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। मोहर्रम की तीन तारीख पर किन्नर 70 वर्षों से चांदी का ताजिया उठाते आ रहे है। लेकिन इस बार ताजिया नहीं उठाया गया। शुक्रवार को चांदी का ताजिया मातमी धुनों के साथ उठाया जाना था लेकिन नहीं उठाया गया। इसपर ताजिया साधना हाजी के घर से बिना मातमी धुनों के इमामबाड़े पर रख दिया गया। साधना हाजी ने बताया 30 वर्षों से वह खुद चांदी का ताजिया उठाती आ रही है। इससे पहले उनके गुरु ताजिया उठाते थे। यह ताजिया पक्कापुल निकट से सड़क से होते हुए बैंडबाजो की मातमी धुनों के साथ उठकर इमामबाड़े तक पहुंचता था। लेकिन इस बार परमीशन मांगी गई। जबकि उनका ताजिया कोई नया नहीं है 70 वर्षों से निकलता आ रहा है। उनको तो कर्बला के शहीदों को याद करना है इसलिए उन्होंने घर से ताजिया उठाकर इमामबाड़े में रख लिया है। इसमें उनको अकीदत ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.