सूरत, दिसम्बर 11 -- गुजरात में एक पिता अपनी बेटी को जैन भिक्षुणी बनने से रोकने के लिए सूरत फैमिली कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। पिता का कहना है कि बच्ची को साल 2026 में होने वाले दीक्षा समारोह में बच्ची को भिक्षुणी बनाया जाएगा, इसकी जानकारी उन्हें जैन समुदाय द्वारा चलाए जाने वाले व्हाट्सऐप ग्रुप से मिली है। पिता ने बेटी और एक बेटे की कस्टडी की मांग की है। पिता का कहना है कि वो अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य सुरक्षित करना चाहता है। समीर शाहर शेयर मार्केट में ट्रेडर हैं। अडाजन के रहने वाले समीर की शादी साल 2012 में हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अक्सर होने वाले झगड़ों के कारण पत्नी अपने दो बच्चों को लेकर मायके ली गई। वो सूरत के नानपुरा में अपने माता पिता के साथ रहने लगी। इसके बाद जब समीर को जैन समुदाय के व्हाट्सऐप ग्रुप स...
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