7 लाख पर महज 8,000 हॉस्टल रूम; दिल्ली में मौत की इमारतों में रहने को क्यों मजबूर छात्र?
नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिया है कि वह सत्य निकेतन में गिरी इमारत की घटना की उच्च स्तरीय जांच करे। साथ ही यह भी देखे कि क्या यह इमारत सही मंजूरी के साथ बनाई गई थी। क्या इसके संचालन के लिए सभी जरूरी मंजूरियां ली गई थीं। अदालत ने एमसीडी को यह भी निर्देश दिया कि वह एक हफ्ते के भीतर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी पीजी आवास और हॉस्टल का पूरी तरह से ऑडिट करे।सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच आया HC का आदेश दिल्ली हाई कोर्ट के उक्त निर्देश प्राइवेट हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच आए हैं। नगर निकाय को यह पता लगाने को कहा गया है कि हर प्राइवेट हॉस्टल में कितने छात्र रह रहे हैं। इतना ही नहीं अदालत ने ऐसे प्राइवेट हॉस्टलों और पीजी के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क यानी कायदे कानून होने के...
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