संवाददाता, अप्रैल 6 -- रामपुर जिले के शावेद की रूसी सेना में मौत हो जाने के बाद परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सितंबर माह में बेटे ने फोन कर सात दिन तक बात नहीं हो पाने की बात कही थी। मगर यह सात दिन का इंतजार सात माह बाद मौत की सूचना लेकर आया। इसके बाद परिजनों ने जिलों के कई युवा भी वहां होने की जानकारी दी है। जिसके बाद खुफिया विभाग भी जानकारी जुटाने में जुट गया है। विभाग की ओर से रूस सेना में भर्ती, जिले के युवाओं के बारे में डाटा जुटाया जा रहा है। मसवासी क्षेत्र के गांव भूबरा मुस्तेहकम के मझरा फतेहगंज निवासी शावेद रूस फर्नीचर का कार्य करने गया था। मगर वह कार्य के दौरान रूस सेना में भर्ती हो गया था। उसने खुद फोटो भेजकर पिता से सात दिन तक बात नहीं हो पाने की जानकारी दी थी। मगर यह सात दिन का इंतजार सात माह बाद मौत की सूचना लेकर आया।रामपु...