शिमला, अप्रैल 10 -- हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व विधायकों की पेंशन से जुड़े मामले में अहम आदेश देते हुए विधानसभा सचिव को निर्देश दिए हैं कि पात्र पूर्व विधायकों को उनकी देय पेंशन और बकाया राशि एक माह के भीतर जारी की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि तय समय के भीतर भुगतान न होने पर बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान विधानसभा सचिव की ओर से अदालत को जानकारी दी गई कि राज्य सरकार द्वारा पहले लाया गया वर्ष 2024 का संशोधन विधेयक वापस ले लिया गया है। इसके बाद विधानसभा ने एक नया संशोधन विधेयक पारित किया है, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई विधायक 14वीं विधानसभा या उसके बाद निर्वाचित होकर संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित होता है तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, यह नया प्रावधा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.