नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 महीने के बकाया वेतन के भुगतान को लेकर एक बस कंडक्टर के खिलाफ 32 साल तक मुकदमा लड़ने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने डीटीसी की इस लंबी मुकदमेबाजी को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। जस्टिस अमित महाजन ने कंडक्टर के पक्ष में इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल के 2004 के आदेश के खिलाफ डीटीसी की अपील खारिज करते हुए कहा कि 'असाधारण रूप से इतने लंबे समय' तक विभाग द्वारा मुकदमा जारी रखना सार्वजनिक धन का ऐसा खर्च था, जिसे टाला जा सकता था। जस्टिस महाजन ने 2 सितंबर को पारित आदेश में कहा कि डीटीसी को यह हर्जाना उस अधिकारी से वसूलने की छूट है, जो इस 'मामूली विवाद' को इतने लंबे समय तक आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार था। यह मामला नवंबर 1994 की एक घटना से जुड़ा है। आरोप...